गीता उपदेश
जय श्री कृष्ण
शिक्षा और संस्कार एक दूसरे के पूरक है इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हमारी विद्याश्रम स्कूल में गीता स्पेशल असेंबली का आयोजन किया गया जिसकी शुरुआत मंगलाचरण और प्रार्थना से हुई।
बच्चों ने गीता क्लास के मुख्य नियमों की जानकारी संक्षिप्त में दी और गीता जी के नित्य पठनीय पांच श्लोक सुनाएं। पंचतत्वो से बना यह मानव शरीर केवल परमात्मा की प्राप्ति के लिए है इस बात को दर्शाते हुए पंचामृत की प्रस्तुति दी गई।
"सामान सुव्यवस्थित रखना" इस नियम को बच्चों ने एक छोटे से नाटक के माध्यम से प्रस्तूत किया।
यह प्रकृति का नियम है कि अच्छे हर कार्य की खुशबु दूर-दूर तक फैलती है ठीक वैसे ही हमारे नन्हे मुन्ने बच्चों ने गीता के प्रचार को एक सुंदर से नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।।









